मोहब्बत का रूहानी इलाज

मोहब्बत का रूहानी इलाज – Mohabbat Ka Rohani Ilaj, Amal, Ilm, रूहानी ताकत इस्लाम मे बताया गया एक इल्म है जिसके द्वारा आप इतनी ताकत हासिल कर सकते है की आप वो कर सकते है जो एक इंसान के बस मे नहीं है. इसलिए आज हम आपको रूहानी ताकत हासिल करने का अमल और रूहानी ताकत बढ़ाने का अमल बतायेगे। इसके अलावा हम आपको मोहब्बत की शादी होने का रूहानी अमल भी बतायेगे।

Mohabbat Ka Rohani Ilaj

इस्लाम में दुआओं और इबादतों के लिए कई आयतें बताई गई हैं। उनके जरिए किसी समस्या का रूहानी इलाज भी किया जाता है। मुसीबतों से बाहर निकलने का यह एक बेहतरीन तरीक हो सकत है।

एक नवविवाहिता चाहती है कि उसका शौहर उससे बेइंतहा मोहब्बत करे। उसकी इज्जत करे। उसकी भावनाओं की कद्र करते हुए उसकी हर छोटी-से-छोटी बात को भी तरजीह दे उसके मोहब्बत में तनिक भी फीकापन नहीं आने पाए।

मोहब्बत का रूहानी इलाज – Mohabbat Ka Rohani Ilaj, Amal, Ilm

इसलिए हर बीवी अपने शौहर को अपना दीवाना बनाकर रखना चाहती है, ताकि उसका शौहर किसी दूसरी औरत की तरफ देखे तक नहीं। किसी बुरे रिश्ते या दूसरी औरतों के चक्कर में नही ंपड़े।

इसी तरह से मोहब्बत में पड़ चुकी हर लड़की चाहती है कि उसकी महबूब के साथ-साथ उसकी मोहब्बत की भी हिफाजत हो। उसमें कोई खलल नहीं पड़ने पाए। इसके लिए मोहब्बत का रूहानी इलाज बताया गया है, जिसे मौलवी से जान-समझकर अपनाना चाहिए।

सबसे पहले पाक नीयत के साथ अनजाने में भी भूल हो जाने के लिए इंशाअल्ला से माफी मांगते हुए फज्र की नमाज के बाद ताजा वजू बनाएं।
उसके बाद तीन मर्तबा दारूद शरीफ पढ़ें।
फिर सुराह बकरा पढ़ें। इस वजीफे को करते वक्त अपनी मोहब्बत का ख्याल जेहन में कर लें।
अल्लाहताला से दुआ करते हुए फिर से तीन मर्तबा दारूद शरीफ पढ़ लें।
अंत में साथ में रखे महबूब या शौहर की तस्वीर पर दम करें। ऐसा 11 दिनों तक लगातार करें, कंतु ध्यान रहे कि इस दौरान माहवारी का दौर नहीं चल रहा हो।

मोहब्बत की शादी होने का रूहानी अमल

मोहब्बत की शादी होने का रूहानी अमल – Mohabbat Ki Shadi Hone Ka Rohani Amal, Ilm, जिससे मोहब्बत हो उसी के साथ राजीखुशी शादी हो जाए, ऐसा शायद ही कभी किसी लड़का या लड़की की जिंदगी में आ पाता है। वे मोहब्बत को पाने और अपनी मोहब्बत के पसंद की शादी के लिए अपने मां-बाप और सगे-संबंधियों के आगे काफी मिन्नते करते हैं।

अल्लाहताला से भी दुआएं करते हैं। फिर भी बात नहीं बनती है। अगर मोहब्बत जायज है। उसमें जरा भी खोट नहीं है तब रूहानी अमल का सहारा लिया जाना चाहिए। इसमें और र्कुआनी वजीफे में कोई अधिक फर्क नहीं है। दोनों के लिए पाक-साफ होकर वजीफे पढ़े जाते हैं।

इसके प्रयोग के बारे में जानकार मौलवी द्वारा बताए गए हैं। इस वजीफे से मन में अपनी रूहानी ताकत का आवाहन किया जाता है और फिर उसमें र्कुआनी आयत की ताकत को शामिल कर मोहब्बत को निकाह की ओर प्रेरित किया जाता है। यह एक तरह से पाक-साफ नीयत से मोहब्बत को जेहन में बिठाकर हासिल होने वाला पैगाम-ए-अमल है।

Mohabbat Ki Shadi Hone Ka Rohani Amal

अपने साथ सात सुगंधित ताजे फूल रखें। सब पर 11 बार दुआ पढ़कर दम करें।
इस दौरान दारूद शरीफ को 11 बार अवश्य पढ़ें। उसके बाद दुआ की आयत ‘ वालाकद फट अन्ना सुलेमान वा अलकैना अलकुर सिय्याही जसादान सुम्मा अनाब ’ को 121 बार पढ़ें। अंत में दारूद शरीफ को फिर से 11 बार पढ़ लें।
जिनसे निकाह करनी है सुगंधित फूलों को उनके और वालिदों को नाम कर दम करें। आगले रोज किसी भी तरह से उनमें से एक फूल उन्हें सुंघने के लिए अवश्य दें।

रूहानी ताकत बढ़ाने का अमल

रूहानी ताकत बढ़ाने का अमल – Rohani Taqat Badhane Ka Amal, Ilm, रूहानी ताकत अल्लाह का दिया हुआ एक असाधारण तोहफा है, जिसे हर कोई हासिल नहीं कर सकता है। इसे वही शख्त प्राप्त कर पाता है, जिसकी नीयत बहुत ही पाक-साफ हो और वह अल्लाह की खिदमत में पांचों वक्त नमाज पढ़ता हो। हर किसी से मोहब्बत करता हो। किसी के विरूद्ध कभी भी नाफरमानी नहीं करता हो। हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहता हो।

रूहानी ताकत के जरिए अगर किसी के दिल में बेपनाह मोहब्बत पैदा किया जा सकता है, तो किसी की नाराजगी को पल भर में दूर करना भी संभव है। किसी को अपने वश में करना वैसे शख्स के लिए बाएं हाथ का खेल होता है। ताकत बढ़ाने वाले रूहानी अमल के लिए निम्न तरीका अपनाना चाहिए।

Rohani Taqat Badhane Ka Amal

  • रूहानी ताकत के लिए अमल में लाया जाने वाला वजीफ है- या हय्यू, या कय्यूम। अल्लाह की रहमत पर भरोसा रखकर इस आयत को पूरी शिद्दत के साथ पढ़ना चाहिए।
  • सबसे पहले पांच वक्त की नमाज की पाबंदी के साथ जूम्मे के रोज से वजीफा पढ़ने की शुरुआत करें। उस रोज मस्जिद जरूर जाएं। सजदा कर अपने गुनाहों की माफी मांगें।
  • रात को सोने से पहले ईशा की नमाज के बाद वजू बनाएं और दरूद शरीफ को 11 बार पढें़।
  • सूरह फतिहा को भी 121 बार पढ़ें और वजीफे को 1041 बार लगातर पढ़ें। इसे पढ़ते हुए आप किसी आंतरिक ताकत को महसूस करेंगे। यह आपमें आत्मविश्वास और बढ़े हुए हौसल के रूप में प्रकट होगा।
  • इस अमल लगातार 11 दिनों तक करे, लेकिन इसकी जानकारी किसी और को कतई नहीं होनी चाहिए।

रूहानी ताकत हासिल करने का अमल

रूहानी ताकत हासिल करने का अमल – Rohani Taqat Hasil Karne Ka Amal, Wazifa, Tarika, Ilm, बहुतों की यह ख्वाहिश होती है कि उनको कोई परेशानी नहीं आने पाए। जिंदगी में सबकुछ सहजता से चलता रहे।

उनकी हर किसी मसले में रूहानी ताकत से मदद मिले। इसके लिए जरूरी है कि पहले रूहानी ताकत को हासिल किया जाए। इसके लिए मुकम्मल अमल बताए गए हैं, जो किसी तजुर्बेकार मौलवी की मदद से प्राप्त किया जा सकता है।

Rohani Taqat Hasil Karne Ka Amal

  • इस अमल को कई दिनों तक बैठकर करने के बजाय सिर्फ एक रात ईशा की नमाज के बाद 11 बजे के बाद अमल किया जाता है। उसके बाद सो जाना है।
  • फिर ख्वाब में न केवल कोई न कोई रूहानी ताकत आ जाएगी, बल्कि आपके मसले का हल भी बता जाएगी।
  • यह स्थिति डरावनी और विचलित करने वाली हो सकती है, लेकिन नीडरता से ख्वाब में बताए अमल को आजमा सकते हैं।
  • इसके अतिरिक्त रमजान के खास महीने में 11 रमजान से शुरुकर 21 वें दिन तक अमल के जरिए रूहानी ताकत को बुलाया जा सकता है।
  • इस दौरान एक सफेद कागज पर अलिफ लफ्ज को 111 बार लिखें। उस कागज पर नजर गड़ाकर हर रोज 1111 बार पढ़ें।
  • इस अमल के खत्म होने के बाद आपमें ऐसी रूहानी ताकत बढ़ जाएगी, जिसके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं होगा।
  • इसका अंदाजा आप स्वयं अपने बढ़े हुए आत्मविश्वास और सूझबूझ से लगा सकते हैं। आपके द्वारा किसी मसले को हल करने के दरम्यान तुरंत तरीका मालूम हो जाएगा।
  • रूहानी ताकत को बुलाने के लिए पांचें वक्त का नमाज के बाद अल्लाह को याद करना चाहिए।

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